- June 27, 2026
हमर लैब बंद कर निजी कंपनी को लाभ पहुंचाने का षड्यंत्र, सरकारी अस्पतालों की जांच व्यवस्था बदहाल – धीरज बाकलीवाल

ट्राई सिटी एक्सप्रेस। न्यूज
दुर्ग। जिला कांग्रेस कमेटी दुर्ग शहर के अध्यक्ष धीरज बाकलीवाल ने प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि भाजपा सरकार ने गरीब एवं मध्यम वर्ग के मरीजों को निःशुल्क और गुणवत्तापूर्ण जांच सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से शुरू की गई “हमर लैब” जैसी महत्वाकांक्षी योजना को बंद कर पूरी जांच व्यवस्था निजी कंपनी के हवाले कर दी है। इसका दुष्परिणाम आज प्रदेश के सरकारी अस्पतालों में स्पष्ट दिखाई दे रहा है।
श्री बाकलीवाल ने कहा कि प्रदेश सरकार ने पहले करोड़ों रुपये खर्च कर जिला अस्पतालों में अत्याधुनिक पैथोलॉजी मशीनें, उपकरण और आधारभूत संरचना विकसित की थी। आज वही मशीनें उपयोग में आने के बजाय पैक कर गोदामों और कमरों में रखी हुई हैं। यह सरकारी धन की खुली बर्बादी है और जनता के पैसे का दुरुपयोग है।
उन्होंने कहा कि नई एजेंसी को जिम्मेदारी सौंपे जाने के दो माह बाद भी दुर्ग जिला चिकित्सालय सहित जिले के 43 सरकारी अस्पतालों में जांच सेवाएं पूरी तरह शुरू नहीं हो सकी हैं। दुर्ग जिला अस्पताल में जहां 137 प्रकार की जांच उपलब्ध होनी चाहिए, वहां वर्तमान में केवल 92 प्रकार की जांच ही हो रही है। शेष जांच के लिए मरीजों को निजी लैबों में जाना पड़ रहा है, जिससे गरीब और मध्यम वर्ग के परिवारों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है।
श्री बाकलीवाल ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं का उद्देश्य जनता को राहत देना होना चाहिए, लेकिन सरकार की गलत नीतियों और अव्यवस्थित संक्रमण प्रक्रिया ने मरीजों की परेशानी कई गुना बढ़ा दी है। पहले जांच रिपोर्ट समय पर उपलब्ध होती थी, लेकिन अब कई स्थानों पर जांच शुरू नहीं होने, रिपोर्ट में देरी और आवश्यक रिएजेंट की कमी जैसी समस्याओं से मरीजों का उपचार प्रभावित हो रहा है।
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने बिना समुचित तैयारी के पूरी जांच व्यवस्था निजी कंपनी को सौंप दी, जिसके कारण सरकारी अस्पतालों की वर्षों से विकसित व्यवस्था चरमरा गई। यदि सरकार को नई व्यवस्था लागू करनी ही थी तो पहले यह सुनिश्चित करना चाहिए था कि किसी भी मरीज की जांच बाधित न हो।
धीरज बाकलीवाल ने राज्य सरकार से मांग की कि—
– दुर्ग जिला चिकित्सालय सहित प्रदेश के सभी सरकारी अस्पतालों में सभी प्रकार की जांच तत्काल प्रारंभ की जाए।
– हमर लैब में स्थापित करोड़ों रुपये की मशीनों और संसाधनों का पुनः उपयोग सुनिश्चित किया जाए।
– आवश्यक रिएजेंट, तकनीकी स्टाफ और संसाधन तत्काल उपलब्ध कराए जाएं।
– जब तक नई व्यवस्था पूरी तरह सुचारु नहीं हो जाती, तब तक मरीजों की जांच सेवाएं बाधित न हों तथा गरीब मरीजों को निःशुल्क जांच की गारंटी दी जाए।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र ही सरकारी अस्पतालों की जांच व्यवस्था सामान्य नहीं की गई और आम जनता को राहत नहीं मिली, तो जिला कांग्रेस कमेटी दुर्ग शहर जनहित में व्यापक जनआंदोलन करने के लिए बाध्य होगी।




