- July 1, 2026
समय-सीमा बैठक में कलेक्टर ने दिखाई सख्ती: शासन की योजनाओं का लाभ हर पात्र हितग्राही तक पहुंचे

ट्राई सिटी एक्सप्रेस। न्यूज
बेमेतरा। कलेक्टर प्रतिष्ठा ममगाईं ने आज जिला कार्यालय के सभाकक्ष में आयोजित समय-सीमा (टीएल) बैठक में शासन की प्राथमिकता वाली योजनाओं, जनकल्याणकारी कार्यक्रमों, मुख्यमंत्री हेल्पलाइन, सुशासन तिहार के आवेदनों तथा विभागीय कार्यों की विस्तृत समीक्षा करते हुए अधिकारियों को स्पष्ट संदेश दिया कि शासन की मंशा के अनुरूप प्रत्येक योजना का लाभ समय पर पात्र हितग्राहियों तक पहुंचना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रशासन की सफलता योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और आम नागरिकों की संतुष्टि से तय होती है। इसलिए सभी अधिकारी जवाबदेही के साथ कार्य करें तथा निर्धारित समय-सीमा में लक्ष्यों की शत-प्रतिशत पूर्ति सुनिश्चित करें। किसी भी स्तर पर लापरवाही, अनावश्यक विलंब या उदासीनता पाए जाने पर संबंधित अधिकारी-कर्मचारी के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
*सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों का हो वास्तविक एवं स्थायी समाधान*
बैठक में मुख्यमंत्री हेल्पलाइन के लंबित एवं निराकृत प्रकरणों की विभागवार समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि शिकायतों का निराकरण केवल पोर्टल पर प्रकरण बंद करने तक सीमित न रहे, बल्कि शिकायतकर्ता को वास्तविक राहत मिलनी चाहिए। उन्होंने कहा कि शिकायतों के निराकरण की गुणवत्ता ही प्रशासन की कार्यप्रणाली का सबसे बड़ा पैमाना है। यदि किसी विभाग से बार-बार एक जैसी शिकायतें प्राप्त हो रही हैं तो यह संबंधित विभाग की कार्यप्रणाली में सुधार की आवश्यकता को दर्शाता है।
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि प्रत्येक शिकायत का गंभीरतापूर्वक परीक्षण कर समय-सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण एवं संतोषजनक निराकरण सुनिश्चित किया जाए। आवश्यक होने पर संबंधित अधिकारी स्वयं मौके पर जाकर वस्तुस्थिति का निरीक्षण करें और शिकायतों का स्थायी समाधान करें। निम्न रैंकिंग वाले विभागों को विशेष रूप से चेतावनी देते हुए आगामी समीक्षा बैठक तक उल्लेखनीय सुधार लाने के निर्देश दिए गए।
*धरातल पर दिखाई दे शासन की योजनाओं का प्रभाव*
कलेक्टर ने कहा कि शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का उद्देश्य केवल लक्ष्य पूरा करना नहीं, बल्कि आम नागरिकों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाना है। उन्होंने राजस्व, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य, लोक निर्माण विभाग, प्रधानमंत्री आवास योजना, जल जीवन मिशन सहित विभिन्न विभागों की योजनाओं की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि प्रत्येक विभाग निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप कार्य करते हुए योजनाओं का लाभ समय पर हितग्राहियों तक पहुंचाना सुनिश्चित करे। उन्होंने कहा कि योजनाओं की सफलता का मूल्यांकन केवल आंकड़ों से नहीं, बल्कि धरातल पर दिखाई देने वाले परिणामों से होगा।
*सुशासन तिहार के आवेदनों का समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निराकरण करें*
बैठक में सुशासन तिहार के दौरान प्राप्त आवेदनों की भी समीक्षा की गई। कलेक्टर ने कहा कि यह अभियान शासन और आम नागरिकों के बीच विश्वास को मजबूत करने का माध्यम है। इसलिए प्रत्येक आवेदन का पारदर्शी, प्रभावी एवं स्थायी समाधान सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि लंबित आवेदनों का प्राथमिकता के आधार पर निराकरण कर पात्र हितग्राहियों को शीघ्र लाभान्वित किया जाए तथा निराकरण की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया जाए।
*ई-ऑफिस के माध्यम से बढ़े पारदर्शिता और कार्यकुशलता*
कलेक्टर ने कार्यालयीन कार्यों में ई-ऑफिस प्रणाली के अधिकतम उपयोग पर जोर देते हुए कहा कि डिजिटल व्यवस्था से कार्यों में पारदर्शिता, जवाबदेही एवं गति आएगी। उन्होंने सभी विभागों को निर्देशित किया कि फाइल संचालन, पत्राचार एवं अनुमोदन की प्रक्रिया नियमित रूप से ई-ऑफिस के माध्यम से संचालित की जाए। जिन विभागों में इसका उपयोग अपेक्षाकृत कम है, वे तत्काल सुधारात्मक कदम उठाएं।
*टीएल प्रकरणों के निराकरण में गुणवत्ता से न करें समझौता*
कलेक्टर ने कहा कि समय-सीमा (टीएल) के प्रकरणों का निराकरण पूरी गंभीरता एवं गुणवत्ता के साथ किया जाए। किसी भी प्रकरण का निपटारा केवल औपचारिकता के लिए न किया जाए। प्रत्येक विभाग यह सुनिश्चित करे कि आवेदकों को वास्तविक, संतोषजनक एवं स्थायी समाधान प्राप्त हो। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि आवश्यकतानुसार नियमित फील्ड विजिट कर योजनाओं एवं कार्यों की प्रगति का स्वयं निरीक्षण करें तथा समस्याओं का मौके पर समाधान सुनिश्चित करें।बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी, अपर कलेक्टर, सभी अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व), जिला स्तरीय अधिकारी एवं संबंधित विभागों के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।




