• July 1, 2026

जिला पंचायत के सीईओ के प्रभाव के आगे सरकार व शासन लाचार, 50 रुपये प्लेट का नाश्ता 230रु. में खरीदा, बिल में फर्जीवाड़े के साथ भ्रष्टाचार की शिकायतों पर कार्यवाही नहीं होने से उठे सवाल

जिला पंचायत के सीईओ के प्रभाव के आगे सरकार व शासन लाचार, 50 रुपये प्लेट का नाश्ता 230रु. में खरीदा, बिल में फर्जीवाड़े के साथ भ्रष्टाचार की शिकायतों पर कार्यवाही नहीं होने से उठे सवाल

ट्राई सिटी एक्सप्रेस। न्यूज

दुर्ग। जिला पंचायत अपनी कार्य प्रणाली को लेकर सुर्खियों में है। भ्रष्टाचार का खुला खेल चल रहा है। इसकी शिकायत मुख्य मंत्री विष्णु देव साय, पंचायत व ग्रामीण विकास मंत्री विजय शर्मा संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल, मुख्य सचिव छत्तीसगढ़ शासन व प्रमुख सचिव पंचायत व ग्रामीण विकास विभाग से की जा चुकी है लेकिन जिला पंचायत के सी.ई.ओ. का बाल बांका तक नही हुआ है। इससे यह धारणा बन रही है कि जिला पंचायत के सी.ई.ओ. बजरंग दुबे के प्रभाव के आगे सरकार व शासन लाचार बन गया है। सीईओ दुबे लगभग 8-9 वर्ष से जिले में जमे हुए है और विभिन्न प्रशासनिक जिम्मेदारियों को संभालने के बाद सीईओ की कुर्सी तक पहुंचे है। सी.ई.ओ. की जिम्मेदारी संभालने के बाद ही घोटाले व अनियमितता की शिकायत का सिलसिला शुरु हुआ है।
जिला पंचायत के सीईओ बजरंग दुबे उपसंचालक आकाश सोनी की निगरानी व मिली भगत से एक नहीं कई घोटाले हुए है। इसमें सरकारी धन का भारी दुरुपयोग किया गया है। इसमें चाय-नाश्ता घोटाले की चर्चा अभी भी चल रही है। इसकी शिकायत जनदर्शन में यशवंत देशमुख ने की है। कार्यवाही नही होने पर जनपद पंचायत के पूर्व अध्यक्ष देवेन्द्र देशमुख ने उच्चस्तर पर की है। लेकिन सरकार व शासन बेबस बनी हुई है। शिकायत के अनुसार जिला पंचायत द्वारा महज 50 रुपए के चाय नाश्ते के पीछे 230 रु0 प्रति प्लेट का भुगतान किया गया है। दो साधारण बिलो में हजारो रुपए की हेरा फेरी का मामला सामने हैं। शिकायत में उल्लेख है कि चाय नाश्ता में अमूमन 10 रुपए चाय 30 रु. नाश्ता व 10 रुपए पानी को मिलाकर 50 रुपए प्रतिव्यक्ति का बिल आता है लेकिन जिला पंचायत ने प्रति प्लेट के पीछे 230 रुपए का भुगतान किया है। इस तरह एक प्लेट के पीछे 180 रुपए की सीधी लूट की गई है। सबसे गंभीर बात यह है कि यह भुगतान जी.एस.टी. के बिना किया गया है जो सरकारी नियम का सरेआम उल्लंघन है। छोटी ग्राम पंचायत में भी जीएसटी बिल के बिना कोई भुगतान नही होता लेकिन जिला पंचायत जैसे उच्च कार्यालय में नियमों का उपहास उड़ाया गया है। उदाहरण के तौर पर दो बैठकों के बिल सार्वजनिक रूप से सामने आए है लेकिन अन्य बैठको के खर्च फाईलो में कैद है। हैरत की बात यह है कि चाय नाश्ता महिला स्व सहायता समूह से मंगवाना था। लेकिन इसकी जगह सड़क के किनारे छोटी दूकान चौहान चाय नाश्ता सेन्टर की सेवा ली गई है। इस दूकानदार का कहना है कि उसने खाली बिल दिया था लिखावट जिला पंचायत कार्यालय में की गई है और बिल में हस्ताक्षर भी उसके नही है। इस तरह फर्जी बिलो के जरिए लाखो रुपये की शासन की राशि के दुरुपयोग की आशंका है। जो सूक्ष्म व निष्पक्ष जांच से सामने आ सकती है। इन शिकायतों के संदर्भ में संवाददाता संतोष मिश्रा व्दारा जिला पंचायत के सीईओ बजरंग दुबे व उपसंचालक आकाश सोनी से संपर्क कर उनका पक्ष लेने का प्रयास किया गया लेकिन इनसे मुलाकात नहीं हो पायी।
दो मंत्रियों के गृह जिले में अफसर की मनमानी
दुर्ग जिले से दो विधायक छत्तीसगढ़ सरकार में मंत्री के रूप में प्रतिनिधित्व कर रहे है। इसमें दुर्ग शहर के विधायक राजेन्द्र यादव प्रदेश के स्कूल शिक्षा व विधायी मंत्री है। वहीं दुर्ग ग्रामीण विधानसभा के विधायक ललित चंद्राकर छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण एवं अन्य पिछड़ा वर्ग विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष है उन्हें भी केबिनेट मंत्री का दर्जा प्राप्त है। दो मंत्रियों के गृहजिले में जिला पंचायत में चल रहे भ्रष्टाचार व अनियमितता के मामले में किसी भी तरह की जांच व कार्यवाही न होना आश्चर्य का विषय है।


Related News

नीट पेपर लीक, शिक्षा व्यवस्था और बढ़ती बेरोजगारी पर कांग्रेस का हमला, देश के युवाओं के सपनों से खिलवाड़ बंद करे केंद्र सरकार

नीट पेपर लीक, शिक्षा व्यवस्था और बढ़ती बेरोजगारी पर कांग्रेस का हमला,…

ट्राई सिटी एक्सप्रेस। न्यूज   अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के निर्देशानुसार तथा लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष श्री राहुल…
नकटी गांव में गरीबों के आशियाने उजाड़ने के विरोध में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय एवं धारसिवा विधायक अनुज शर्मा का पुतला दहन, राज्यपाल के नाम सौंपा गया ज्ञापन

नकटी गांव में गरीबों के आशियाने उजाड़ने के विरोध में मुख्यमंत्री विष्णुदेव…

ट्राई सिटी एक्सप्रेस। न्यूज दुर्ग। रायपुर जिले के धरसीवा विकासखंड अंतर्गत ग्राम नकटी में अतिक्रमण हटाने के नाम…
दो साल के इंतजार के बाद दुर्ग नगर निगम को मिले 9 एल्डरमैन

दो साल के इंतजार के बाद दुर्ग नगर निगम को मिले 9…

ट्राई सिटी एक्सप्रेस। न्यूज   दुर्ग । नगरीय निकायों में लंबे समय से रिक्त पड़े एल्डरमैन (मनोनीत पार्षद)…