- September 24, 2026
जहाँ विवाद रुकता है, वहीं से संवाद शुरू होता है, मीडिएशन 3.0 को नई गति देने के लिए दुर्ग में मीडिएटर अधिवक्ताओं की विशेष बैठक

ट्राई सिटी एक्सप्रेस। न्यूज
हर विवाद का अंत अदालत के आदेश से ही हो, यह जरूरी नहीं। कई बार एक बातचीत, एक समझ और एक सही समय पर उठाया गया संवाद का कदम, वर्षों से चले आ रहे विवाद को खत्म कर सकता है।
इसी सोच को जमीनी स्तर पर मजबूत करने की दिशा में मीडिएशन 3.0 अब एक ऐसे अभियान के रूप में आगे बढ़ रहा है, जिसका केंद्र केवल केस का निपटारा नहीं, बल्कि लोगों के बीच समाधान की संस्कृति विकसित करना है।
इसी उद्देश्य से माननीय प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश, दुर्ग के मार्गदर्शन में प्रधान जिला एवं सत्र न्यायालय, दुर्ग के सभागार में मीडिएटर अधिवक्ताओं एवं एडवोकेट मीडिएटर्स की विशेष बैठक आयोजित की गई। बैठक में इस बात पर गहन चर्चा हुई कि मीडिएशन 3.0 के माध्यम से अधिक से अधिक विवादों को संवाद, सहमति और मध्यस्थता की राह पर कैसे लाया जाए।
बैठक का मूल संदेश स्पष्ट था “विवाद बढ़ाना नहीं, समाधान तक पहुंचना है।”
मीडिएशन 3.0 को तीन चरणों में आगे बढ़ाया जा रहा है। पहले चरण में ऐसे प्रकरणों की पहचान और उन्हें मध्यस्थता के लिए रेफर करने पर फोकस है। इसके बाद संवाद और समझौते की प्रक्रिया होगी और अंतिम चरण में हुए समझौतों के सत्यापन एवं प्रकरणों के समापन की कार्यवाही की जाएगी।
Mediation 3.0 : तीन चरण, एक लक्ष्य
Stage I – Identification & Referral 01 अगस्त से 30 सितंबर 2026
Stage II – Mediation & Settlement 01 अक्टूबर से 30 नवंबर 2026
Stage III – Settlement, Verification & Closure 01 दिसंबर से 31 दिसंबर 2026
इन तीनों चरणों का उद्देश्य एक ही है-जहाँ संभव हो, विवाद को संघर्ष से संवाद और मुकदमे से समाधान की ओर ले जाना। मध्यस्थता की प्रक्रिया के दौरान पक्षकारों को यह जानकारी दी जा रही है कि वे निर्धारित अवधि में मीडिएशन सेंटर, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, दुर्ग अथवा संबंधित न्यायालय से संपर्क कर मीडिएशन 3.0 का लाभ प्राप्त कर सकते हैं।
मध्यस्थता की सबसे बड़ी ताकत यही है कि इसमें समाधान केवल थोपा नहीं जाता, बल्कि पक्षकार स्वयं अपने समाधान का हिस्सा बनते हैं। यही वजह है कि यह प्रक्रिया केवल कानूनी विवाद को समाप्त करने तक सीमित नहीं रहती, बल्कि कई बार टूटते संबंधों को संवाद का एक और अवसर भी देती है।
दुर्ग में न्याय अब केवल अदालत की दीवारों तक सीमित नहीं
मीडिएशन 3.0 को अधिक प्रभावी बनाने के लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, दुर्ग द्वारा व्यापक प्रचार-प्रसार एवं जनजागरूकता गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। विभिन्न स्तरों पर लोगों तक यह संदेश पहुंचाया जा रहा है कि हर विवाद का समाधान लंबी लड़ाई में नहीं, बल्कि सही समय पर की गई सही बातचीत में भी संभव है।
युवा पीढ़ी की भाषा में कहें तो- “Argument से पहले Conversation, और Conflict से पहले Mediation.”
यही विचार मीडिएशन 3.0 को एक अभियान से आगे बढ़ाकर संवाद आधारित न्याय की नई संस्कृति बनाने की दिशा में ले जा रहा है। दुर्ग से उठ रही यह पहल इस संदेश के साथ आगे बढ़ रही है कि न्याय केवल फैसला सुनाना नहीं, बल्कि जहां संभव हो वहां पक्षकारों को स्वयं समाधान तक पहुंचने का अवसर देना भी है।




