- September 27, 2026
शिवनाथ नदी उफान पर, पुराने पुल से 2 फीट ऊपर बह रहा है पानी, 43 साल का बारिश का रिकॉर्ड टूटा, महमरा एनीकट 10 से 12 फीट पानी में डूबा; गणेश प्रतिमा विसर्जन पर रोक

ट्राई सिटी एक्सप्रेस। न्यूज
दुर्ग। जिले में पिछले दो दिनों से हो रही मूसलाधार बारिश शुक्रवार देर रात थमने के बाद लोगों ने राहत की सांस ली है, लेकिन मौसम विभाग द्वारा आगामी दिनों में भी तेज बारिश की चेतावनी ने चिंता बढ़ा दी है। शनिवार को फिलहाल बारिश थमी हुई है, बावजूद इसके शिवनाथ नदी समेत जिले के नदी-नालों में जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। सुरक्षा को देखते हुए जिला प्रशासन, नगर निगम और एसडीआरएफ की टीमें शिवनाथ नदी पुल सहित तटवर्ती क्षेत्रों में अलर्ट मोड पर हैं।
पिछले दो दिनों में हुई बारिश ने जिले में 43 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ दिया है। करीब 40 घंटे के दौरान 7.45 इंच बारिश दर्ज की गई, जबकि महज 9 घंटे में ही 5.53 इंच वर्षा हुई। लगातार हुई झमाझम बारिश से पूरा दुर्ग जिला पानी से तरबतर हो गया है और कई निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बनी हुई है।
दुर्ग जिले में हुई भारी बारिश के साथ ही विभिन्न जलाशयों से छोड़े गए पानी के कारण शिवनाथ नदी पूरे उफान पर है। नदी के तटवर्ती क्षेत्रों में पानी घुसने की खबर है। स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने प्रभावित गांवों के कई परिवारों को समय रहते सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया है।
शनिवार की ताजा स्थिति के अनुसार दुर्ग-राजनांदगांव मार्ग पर स्थित शिवनाथ नदी के पुराने पुल से करीब दो फीट ऊपर पानी बह रहा है। नदी का जलस्तर लगातार बढ़ने के कारण प्रशासन ने सुरक्षा की दृष्टि से शिवनाथ नदी तट पर गणेश प्रतिमाओं के विसर्जन पर रोक लगा दी है। नदी के आसपास जवानों की तैनाती कर लोगों को नदी के नजदीक जाने से रोका जा रहा है।
शिवनाथ नदी पर बना महमरा एनीकट भी पूरी तरह नदी के उफान की चपेट में है। एनीकट के ऊपर करीब 10 से 12 फीट पानी बह रहा है। इसके चलते नदी का पानी आसपास के क्षेत्रों में फैल गया है और लोगों की परेशानी बढ़ गई है। महमरा एनीकट की ओर से बढ़ा पानी पंचवटी मांगलिक परिसर तक पहुंच गया है।
सुरक्षा के मद्देनजर गंजपारा से महमरा एनीकट की ओर जाने वाले मार्ग को बंद कर दिया गया है। यहां पुलिस जवानों की तैनाती कर लोगों की आवाजाही पर रोक लगाई गई है।
लगातार बारिश से पुलगांव नाला और शंकर नाला भी लबालब हो गए हैं। पुलगांव नाला का पानी आसपास के क्षेत्रों में फैलने से लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। वहीं शंकर नाला का जलस्तर भी काफी बढ़ गया है। नगर निगम की टीम दोनों क्षेत्रों में स्थिति पर लगातार नजर रख रही है।
प्रशासन ने नदी-नालों के आसपास रहने वाले लोगों से सतर्क रहने, जलभराव वाले क्षेत्रों में जाने से बचने और प्रशासन द्वारा जारी सुरक्षा निर्देशों का पालन करने की अपील की है।




