- September 27, 2026
जलभराव प्रभावित क्षेत्रों का महापौर और कमिश्नर ने किया निरीक्षण, पटेल चौक से हिंदी भवन तक जलभराव स्थिति का महापौर एवं कमिश्नर ने लिया जायजा

ट्राई सिटी एक्सप्रेस। न्यूज
दुर्ग। नगर पालिक निगम। लगातार हो रही बारिश के बीच शहर में जलभराव की स्थिति को देखते हुए महापौर अलका बाघमार एवं नगर निगम कमिश्नर लीना कोसम ने आज पटेल चौक से पोस्ट ऑफिस के सामने से हिंदी भवन तक का निरीक्षण।
इस दौरान जलभराव की स्थिति पटेल चौक से लेकर पंचायत कार्यालय तक जल भराव की स्थिति क्यो बनी होती जिसका बारीकी से निरीक्षण कर जांचा,पटेल चौक से पंचायत कार्यालय एवं हिंदी भवन तक सड़क पर होने वाले जलभराव की समस्या का आज महापौर अलका बाघमार एवं निगम कमिश्नर लीना कोसम ने स्थल निरीक्षण कर जलभराव के कारणों को समझते हुए अधिकारियों से आवश्यक जानकारी ली गई।
महापौर ने बताया कि निरीक्षण में स्पष्ट हुआ कि तेज बारिश के दौरान नालियों के भीतर पाइपलाइन एवं सीमित जलनिकासी क्षमता के कारण पानी का बहाव प्रभावित होता है, जिससे सड़क पर पानी जमा हो जाता है। समस्या के स्थायी समाधान के लिए प्रस्ताव तैयार कर लिया गया है और जल्द ही टेंडर प्रक्रिया शुरू की जाएगी। दीपावली के आसपास जलनिकासी सुधार कार्य प्रारंभ करने की तैयारी है।
उन्होंने बताया कि जलनिकासी व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए नाली को तीन हिस्सों में विभाजित कर वार्ड क्रमांक 37, 38 एवं 39 के विभिन्न क्षेत्रों की ओर पानी निकासी की व्यवस्था विकसित की जाएगी। इससे बारिश के दौरान पानी का बहाव सुचारू होगा और सड़क पर जलभराव की स्थिति में कमी आएगी।
निरीक्षण के दौरान लोक कर्म प्रभारी देव नारायण चन्द्राकर, स्वास्थ्य विभाग प्रभारी निलेश अग्रवाल,कार्यपालन अभियंता विनीता वर्मा,उपअभियंता सुरेश केवलानी,उपअभियंता विकास दमाहे,स्वास्थ्य अधिकारी दुर्गेश गुप्ता सहित निगम टीम अमला मौजूद रहें।
महापौर अलका बाघमार एवं कमिश्नर लीना कोसम ने डेटा सेंटर के पास वार्ड क्रमांक 39 स्थित तालाब का भी निरीक्षण किया। यहां आसपास के क्षेत्र से पानी तालाब में जाने की स्थिति को देखते हुए पानी के प्रवाह को डायवर्ट करने के लिए नई नाली निर्माण की आवश्यकता पर चर्चा की गई।
महापौर अलका बाघमार एवं कमिश्नर लीना कोसम ने संबंधित अधिकारियों को स्थल की स्थिति का तकनीकी परीक्षण कर नई नाली निर्माण की विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए, ताकि बारिश के दौरान पानी का सुचारू निकास हो सके और भविष्य में संबंधित क्षेत्रों में जलभराव की समस्या को कम किया जा सके।निरीक्षण के दौरान अधिकारियों को जल निकासी से जुड़े कार्यों में तेजी लाने तथा बारिश के दौरान नागरिकों की सुविधा और सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।




