- October 27, 2026
बिना किसी वास्तविक विक्रयफल के लेनदेन के मूल्यवान दस्तावेज से जमीन की रजिस्ट्री, आरोग्यम हास्पिटल के सामने करोड़ो की बेशकीमती जमीन के फर्जीवाड़े की एसपी से शिकायत

ट्राई सिटी एक्सप्रेस। न्यूज


दुर्ग । दुर्ग राजनांदगांव बाईपास मार्ग में आरोग्यम हास्पिटल के सामने जमीन कीखरीदी की तो बड़ा नुकसान हो सकता है। इस क्षेत्र में कूटरचित दस्तावेज के माध्यम से फर्जी ढंग से जमीन हड़पने के एक से एक मामले सामने आ रहे है।राजस्व निरीक्षक मंडल तहसील व जिला दुर्ग के, अंतर्गत प.ह.न. 17/8 में खसरा नंबर 290/36 र्रकबा 0.1780 का दूसरा मामला सामने आया है। इस मामले में जिला पुलिस अधीक्षक से मालवीय नगर दीपक नगर निवासी प्रविन्दरचाने पिता स्व. रणवीर सिंह चाने, नम्रता कौर चाने पति प्रविन्दर चाने व षड्यंत्र में शामिल धर्मेन्द्र मेश्राम पिता बिसहत मेश्राम निवासी रूआबांधा के खिलाफ शिकायत की गई है। एस.पी. के निर्देश पर मोहननगर थाना पुलिस जांच कर रही है। करोड़ो रूपए के मूल्य की इस बेशकीमती जमीन की रजिस्ट्री फर्जी विक्रेता को खड़ा करके अपने नाम कराई गई है और भविष्य में करोड़ो रुपए में बेचकर उसका कई गुना लाभ जुटाने का लक्ष्य रखा गया है।
जानकारी के अनुसार सिकोला के अंदर भाग प.ह.न.- 17/8 राजस्व निरीक्षक मंडल सिकोला तहसील व जिला दुर्ग की खसरा नं. 290/36 रकबा 0.1780 हेक्टेयर भूमि दुर्ग राजनांदगांव बाईपास मार्ग में आरोग्यम हास्पिटल के सामने रोड के उस पार स्थित है। इस जमीन को प्रविन्दर चाने द्वारा कूटरचित दस्तावेज का उपयोग कर षडय़ंत्र करके 28 फरवरी 2023 को बिक्री पत्र व निष्पादन करके 6 मार्च 2023 को अपनी पत्नी नम्रता कौर चाने के नाम पर रजिस्ट्री कराई गई है। रजिस्ट्री में विक्रेता करमसिंह पिता छज्जा सिंह निवासी गोलमुरी जमशेदपुर झारखंड पिन 831003 मो.न. 9340399744 को के नाम से निष्पादन व पंजीयन कराया गया है उक्त विक्रय पत्र में करमसिंह के हस्ताक्षर भी नहीं है। जो हस्ताक्षर है वह कूटरचित व फर्जी है। करमसिंह का जो आधार कार्ड बिक्री पत्र के साथ संलग्न किया गया है। वह करम सिंह पिता छज्जा सिंह के पिन व मोबाईल नंबर का नहीं है और जो फ ोटो आधार कार्ड में चस्पा है वह भी वास्तविक करम सिंह नहीं है। इस तरह एडिट करके कूटरचना कर फ ोटो चस्पा करके फ र्जी आधार कार्ड का निर्माण किया गया है। शिकायत में कहा गया है कि आधार कार्ड के फर्जी होने की
जानकारी होने के बाद भी धर्मेन्द्र मेश्राम पिता बिसहत मेश्राम निवासी रुआबांधा के द्वारा कूटरचित व फर्जी बिक्री पत्र में बतौर गवाह के रूप में हस्ताक्षर किया गया है। उसमें असली करम सिंह की जगह किसी अन्य को खड़ा करके बिना किसी वास्तविक विक्रय फ ल के लेनदेन के मूल्यवान दस्तावेज विक्रय पत्र का निष्पादन व पंजीयन कराया गया है जो गंभीर अपराधिक कृत्य है। उसमे दोषी लोगो के विरुद्ध बी.एन. एस. की धारा 61 (2) 318 (4) 335,337 338 व 340 के एवं 39 के तहत अपराध पंजीबद्ध करने की मांग की गई है।




