- October 28, 2026
रॉवे विद्यार्थियों ने रंगोली के माध्यम से बनाया सामाजिक एवं संसाधन मानचित्र

ट्राई सिटी एक्सप्रेस। न्यूज
रॉवे विद्यार्थियों ने रंगोली के माध्यम से बनाया सामाजिक एवं संसाधन मानचित्र
छत्तीसगढ़ कृषि महाविद्यालय धनौरा, दुर्ग के बी.एससी. कृषि चतुर्थ वर्ष के विद्यार्थियों ने ग्रामीण कृषि कार्य अनुभव (रावे) कार्यक्रम के अंतर्गत आदर्श ग्राम कोड़िया में ग्रामीण सहभागी मूल्यांकन (PRA – Participatory Rural Appraisal) गतिविधि किसान भाइयों के साथ मिलकर आयोजित की। यह कार्यक्रम RAWE प्रभारी श्री विवेक पांडेय के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ।
इस गतिविधि के दौरान विद्यार्थियों ने रंगोली के माध्यम से गाँव का सामाजिक मानचित्र (Social Map) एवं संसाधन मानचित्र (Resource Map) तैयार किया। इसके माध्यम से गाँव की सामाजिक संरचना, प्रमुख स्थानों एवं उपलब्ध संसाधनों को रंगोली के माध्यम से स्टेज पर दर्शाया गया। विद्यार्थियों ने गाँव के किसानों से समूह संवाद कर उनकी समस्याओं, कृषि संबंधी चुनौतियों एवं आवश्यकताओं के साथ किसानों के लिए चलाई जाने वाली विभिन्न सरकारी योजनाओं जैसे फसल बीमा योजना ,किसान सम्मान निधि के बारे में चर्चा की।जिसमें किसानों ने लाभान्वित होने की बात स्वीकार की ।
इस कार्यक्रम में किसान भाई लक्ष्मण पटेल, श्यामलाल निषाद, व्यास नारायण साहू, मोतीराम साहू, लखन निषाद, नेमिन बाई साहू, खिलावन साहू, चंद्रकुमार चंद्राकर, पुरुषोत्तम साहू, खेललाल साहू, दल सिंह निषाद, जगत निषाद, रोहित साहू, रामेश्वर चंद्राकर, लटखोर राम निषाद, आशीष चंद्राकर एवं रेखराज चंद्राकर सहित गाँव के अन्य किसान उपस्थित रहे। उपस्थित किसानों ने अपने अनुभव कृषि विद्यार्थियों के साथ साझा किए और गाँव एवं कृषि से जुड़ी समस्याओं जैसे लेबर की कमी, बन्दरों की समस्या को सामने रखा ।
इस गतिविधि में अमीषा, अंकिता, शिबा, ऋचा, खुशी, पूनम, निधि, पूनम, साक्षी, अनुराधा, दीपिका, अवनि, रितिका, आयुष, आर्यन, प्रतीक, किशन, दीपक एवं योगेश सहित अन्य विद्यार्थियों ने सक्रिय सहभागिता निभाई।
इस PRA गतिविधि के माध्यम से विद्यार्थियों को ग्रामीण समुदाय के साथ प्रत्यक्ष संवाद, सहभागी मानचित्रण तथा किसानों की समस्याओं और संसाधनों को समझने का व्यावहारिक अनुभव के साथ किसान भाइयों के साथ कार्य करने का अवसर प्राप्त हुआ। यह गतिविधि ग्रामीण विकास एवं कृषि संबंधी आवश्यकताओं को समझने की दिशा में छात्रों के लिए एक महत्त्वपूर्ण पहल रही।




