- October 28, 2026
जिला अस्पताल दुर्ग में प्रसव के दौरान कथित लापरवाही का मामला, कलेक्टर से स्वतंत्र उच्चस्तरीय जांच एवं पीड़ित परिवार को राहत देने की मांग

ट्राई सिटी एक्सप्रेस। न्यूज
दुर्ग। जिला अस्पताल दुर्ग में श्रीमती भुनेश्वरी तारक के प्रसव के दौरान कथित चिकित्सकीय लापरवाही, नवजात शिशु की गंभीर स्थिति तथा प्रसूता के साथ कथित अमानवीय व्यवहार के मामले को लेकर दक्षिण ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गुरदीप सिंह भाटिया ने जिला कलेक्टर से स्वतंत्र उच्चस्तरीय जांच कराने और पीड़ित परिवार को तत्काल राहत प्रदान करने की मांग की है।
गुरदीप सिंह भाटिया ने कहा कि परिजनों द्वारा लगाए गए आरोप अत्यंत गंभीर एवं चिंताजनक हैं। परिजनों के अनुसार, प्रसव के दौरान नवजात शिशु के दाहिने हाथ की हड्डी टूट गई तथा उसकी स्थिति गंभीर होने के कारण उसे पिछले 10 दिनों से वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया है। वहीं, प्रसूता ने भी अस्पताल के स्टाफ पर अमानवीय व्यवहार एवं मारपीट के आरोप लगाए हैं। इन सभी आरोपों की चिकित्सकीय तथ्यों एवं संबंधित अभिलेखों के आधार पर निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि नवजात की गंभीर स्थिति के कारण परिवार को निजी अस्पताल में उपचार कराना पड़ रहा है, जिससे परिवार पर भारी आर्थिक एवं मानसिक दबाव पड़ रहा है। ऐसे कठिन समय में प्रशासन का दायित्व है कि पीड़ित परिवार को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जाए और मामले में तत्काल हस्तक्षेप किया जाए।
दक्षिण ब्लॉक कांग्रेस कमेटी ने जिला कलेक्टर से प्रमुख रूप से निम्नलिखित मांगें की हैं—
* स्वतंत्र उच्चस्तरीय जांच समिति का गठन किया जाए।
* प्रसव के समय तैनात डॉक्टरों, नर्सिंग स्टाफ एवं संबंधित कर्मचारियों की भूमिका की जांच कर जवाबदेही तय की जाए।
* प्रसव से संबंधित चिकित्सकीय अभिलेख, उपचार विवरण, रेफरल दस्तावेज, ड्यूटी रजिस्टर एवं उपलब्ध सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित रखे जाएं।
* नवजात की वर्तमान स्वास्थ्य स्थिति का स्वतंत्र विशेषज्ञों से आकलन कराकर आवश्यकतानुसार उच्चस्तरीय उपचार की व्यवस्था की जाए।
* पीड़ित परिवार को शासन की प्रचलित योजनाओं एवं पात्रता के अनुसार आर्थिक सहायता और उपचार संबंधी राहत प्रदान की जाए।
* प्रसूता के साथ कथित मारपीट एवं अमानवीय व्यवहार के आरोपों की स्वतंत्र जांच कराई जाए।
* जांच के लिए समय-सीमा निर्धारित की जाए तथा आरोप प्रमाणित होने पर दोषियों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर अनुशासनात्मक एवं कानूनी कार्रवाई की जाए।
गुरदीप सिंह भाटिया ने कहा कि “यह मामला किसी राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का नहीं, बल्कि एक नवजात के जीवन, एक मां के सम्मान और एक पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने का है।” शासकीय अस्पतालों में मरीजों की सुरक्षा, संवेदनशील व्यवहार और चिकित्सकीय जवाबदेही सुनिश्चित होना आवश्यक है।
उन्होंने जिला प्रशासन से मांग की कि मामले में तत्काल संज्ञान लेकर निष्पक्ष एवं समयबद्ध जांच सुनिश्चित की जाए। साथ ही, भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए जिला अस्पताल की प्रसव व्यवस्था, कर्मचारियों के व्यवहार एवं मरीजों की सुरक्षा की नियमित निगरानी की जाए।
इस अवसर पर उपस्थित/समर्थन देने वाले कांग्रेसजन:
अयूब खान, कन्या धीमर, अश्विनी झगड़े, भूपेंद्र सेन, नंदा राउत, भूपेंद्र वर्मा, के.डी. देवांगन, प्रकाश जोशी, बीना देशमुख, ललित उके, शहंशाह आलम, आशीष देशमुख, सनी साहू, दीपक साहू एवं गुन राउत।




