- November 1, 2026
मतदाता लिस्ट में गड़बड़ियों को चुनाव आयोग ने सही माना और विधायक रिकेश सेन इसे झूठला रहे: मुकेश चंद्राकर

ट्राई सिटी एक्सप्रेस। न्यूज
भिलाई नगर। जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष मुकेश चंद्राकर का कहना है कि भिलाई नगर निगम की मतदाता सूची में बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम एक वार्ड से दूसरे वार्ड में स्थानांतरित होने की गंभीर शिकायतें मिली हैं। और इन शिकायतों की पुष्टि भी हो चुकी है जिसके कारण कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी अभिजीत सिंह ने अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। इसके विपरीत वैशाली नगर विधानसभा के विधायक रिकेश सेन इन आरोपों को झुठला रहे हैं। ऐसा लगता है निर्वाचन आयोग ने उन्हें अपना प्रवक्ता नियुक्त कर दिया है।
श्री चंद्राकर ने बताया कि भिलाई नगर निगम के कुल 70 वार्डों में से 42 वार्डों के 11,339 मतदाताओं के नाम उनके निर्धारित वार्ड के बजाय दूसरे वार्डों में दर्ज होने की भारी त्रुटि सामने आई है। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आरोप लगाया था है कि बिना किसी आधिकारिक परिसीमन के हजारों मतदाताओं के नाम जानबूझकर इधर से उधर किए गए हैं। उन्होंने इसे ‘वोट चोरी’ का प्रयास बताते हुए निर्वाचन कार्यालय में आधिकारिक शिकायत दर्ज कराने और जरूरत पड़ने पर कोर्ट जाने की बात कही थी। महापौर नीरज पाल, विधायक देवेंद्र यादव सहित उन्होंने भी पूरे सबूत के साथ जिला प्रशासन के समक्ष शिकायत दर्ज कराई है। महापौर के वार्ड तक में गड़बड़ियां सामने आई हैं।वहां लगभग ढाई सौ की संख्या में मतदाता दूसरे वार्ड में स्थानांतरित हो गए हैं।
श्री चंद्राकर का कहना था कि जांच के बाद यह शिकायतें सही पाई गई जिसके कारण कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी अभिजीत सिंह ने इस गंभीर लापरवाही पर कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने रजिस्ट्रीकरण अधिकारी और सहायक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों सहित 7 अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी कर 3 दिनों के भीतर स्पष्टीकरण मांगा है। इसके विपरीत भाजपा के विधायक रिकेश सेन इन त्रुटियों को पूरी तरह झुठला रहे हैं। ऐसा लगता है चुनाव आयोग में उन्हें अपना प्रवक्ता नियुक्त कर दिया है जिसके कारण वह चुनाव आयोग को बचाने में लगे हुए हैं। इस तरह की गड़बड़ियों से भाजपा को कोई फर्क नहीं पड़ेगा तभी वे इन त्रुटियों को नजर अंदाज कर रहे हैं। इससे साफ जाहिर है की इन गड़बड़ियों में जरूर कहीं ना कहीं भाजपा का हाथ है।
श्री चंद्राकर का कहना था कि इन व्यापक शिकायतों और त्रुटियों के बाद निर्वाचन आयोग ने मतदाता सूची में सुधार के लिए दावा-आपत्ति दर्ज करने की अंतिम तिथि को बढ़ाकर 3 नवंबर 2026 कर दिया है। इससे भी स्पष्ट है कि गड़बड़ियां हुई है जिसे जिला प्रशासन ने गंभीरता से लिया है।




