- November 3, 2026
दुर्ग जिले के छात्रावासों में अव्यवस्थाओं और भ्रष्टाचार की हो जांच, विद्यार्थियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराए प्रशासन : अरुण वोरा

ट्राई सिटी एक्सप्रेस। न्यूज
दुर्ग। दुर्ग जिले के विभिन्न छात्रावासों में व्याप्त अव्यवस्थाओं और विद्यार्थियों को मूलभूत सुविधाएं नहीं मिलने के मुद्दे पर वरिष्ठ कांग्रेस नेता एवं दुर्ग शहर के पूर्व विधायक अरुण वोरा ने चिंता व्यक्त करते हुए जिला प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। उन्होंने कलेक्टर को पत्र लिखकर जिले के समस्त छात्रावासों की स्थिति, वहां व्याप्त अनियमितताओं एवं भ्रष्टाचार की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई करने की मांग की है।
अरुण वोरा ने कहा कि छात्रावासों में रहकर पढ़ाई करने वाले दूर-दराज के विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा और सुविधाएं मिलनी चाहिए, लेकिन वर्तमान में छात्रावासों की स्थिति लगातार खराब होती जा रही है। जर्जर भवन, भोजन व्यवस्था में कमी और जरूरी संसाधनों के अभाव के कारण विद्यार्थियों को अनेक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
उन्होंने प्रमुख मांगों में छात्रावासों के जर्जर भवनों की तत्काल मरम्मत, प्रति छात्र मिलने वाली 1200 रुपये मासिक भोजन सहायता राशि को वर्तमान महंगाई को देखते हुए बढ़ाकर 3000 रुपये करने तथा केवल 10 माह के स्थान पर पूरे 12 माह भोजन सहायता राशि प्रदान करने की मांग की है।
इसके साथ ही छात्रावासों में स्वच्छ एवं व्यवस्थित शौचालय, टेबल, कुर्सी, पलंग, बेडशीट, कंबल, झाड़ू, पोछा, पर्याप्त लाइट और पंखे जैसी दैनिक उपयोग की आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने की बात कही है। बारिश के मौसम में छात्रावास परिसरों में जलभराव की समस्या से निपटने के लिए उचित जल निकासी व्यवस्था सुनिश्चित करने की भी मांग की गई है।
अरुण वोरा ने कहा कि छात्रावास केवल रहने की जगह नहीं, बल्कि गरीब और जरूरतमंद परिवारों के बच्चों के भविष्य को संवारने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं। शासन द्वारा इन विद्यार्थियों के लिए बजट और सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती हैं, इसलिए यह सुनिश्चित करना प्रशासन की जिम्मेदारी है कि उनका लाभ वास्तविक रूप से विद्यार्थियों तक पहुंचे।
उन्होंने जिला प्रशासन से मांग की कि सभी छात्रावासों का निरीक्षण कराकर समस्याओं का समयबद्ध निराकरण किया जाए तथा किसी भी प्रकार की लापरवाही या भ्रष्टाचार पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।




