• November 5, 2026

भिलाई के यस बैंक में 165 करोड़ से ज्यादा रकम लेनदेन के मामले में उच्च न्यायालय तार्किक परिणाम की ओर बढ़ा

भिलाई के यस बैंक में 165 करोड़ से ज्यादा रकम लेनदेन के मामले में उच्च न्यायालय तार्किक परिणाम की ओर बढ़ा

ट्राई सिटी एक्सप्रेस। न्यूज

 

 

 

लंबे समय से चले आ रहे इस गंभीर प्रकरण में पूर्व मुख्य न्यायाधीश श्री रमेश सिन्हा द्वारा विस्तृत आदेश दिये जाने के पश्चात पूरी जांच सीबीआई को सौंप दी गई थी। किंतु लगभग 7 से 8 माह बीत जाने के बावजूद सीबीआई की जांच अनिमेष सिंह के मामले यस बैंक में खुले खाते में दर्ज नामों के केवाईसी तक ही सीमित रह गई। इस पर याचिकाकर्ता प्रभुनाथ मिश्रा के अधिवक्ताओं ने उच्च न्यायालय में सी बी आई जांच के तौर तरीकों पर गंभीर आपत्ति दर्ज की और न्यायालय में बताया कि जैसे राज्य सरकार के पुलिस द्वारा जांच के नाम पर केवल खानापूर्ति की जा रही थी लगभग वही रवैया सीबीआई के द्वारा अपनाया जा रहा है। सीबीआई ने 7 से 8 महीने तक लगभग सभी लेनदेन कर्ताओं का नाम तक स्पष्ट नहीं किया है और ना ही खाते में हुए लेनदेन का कोई स्पष्ट कारण न्यायालय के सामने प्रस्तुत किया। न्यायालय के सामने यह बताया गया कि अब तक यह स्पष्ट नहीं हुआ है कि करोड़ों रुपए का नकद लेन-देन क्यों और किसके कहने पर किया गया। यह अभी स्पष्ट नहीं हुआ कि इस पूरे प्रकरण में छत्तीसगढ़ के किन-किन राजनेताओं का अथवा उद्योगपतियों का नाम जुड़ा। खाते में पैसा दिए जाने के पश्चात पैसे कहां चले गए। सीबीआई के अधिवक्ता जिस प्रकार से जांच प्रतिवेदन प्रस्तुत कर रहे हैं वह राज्य सरकार की पुलिस जांच से भी निचले स्तर का है। जहां राज्य पुलिस द्वारा जांच के दौरान अनिमेष सिंह की प्रथम सूचना रिपोर्ट पर कोई कार्यवाही नहीं की गई वहीं सीबीआई ने भी अब तक अनिमेष सिंह की प्रथम सूचना रिपोर्ट पर कोई कार्यवाही नहीं की। कभी भी यह स्पष्ट नहीं किया गया कि आखिर हितेश चौबे, बाला चौहान और अनिमेष सिंह का संबंध क्या है। माननीय उच्च न्यायालय ने इस संबंध में अपने आदेश में आपत्ति दर्ज कर सीबीआई के अधिवक्ता को शपथ पूर्वक कथन करने का निर्देश दिया था। तत्पश्चात सीबीआई के अधिवक्ता ने दिनांक 3 नवंबर 2026 को माननीय उच्च न्यायालय के समक्ष सील बंद लिफाफे में एक रिपोर्ट सौंपी जिसकी प्रति न्यायालय के अतिरिक्त अन्य किसी को प्रदान नहीं की गई। सीबीआई के अधिवक्ता ने बताया कि यह केवल अंतरिम रिपोर्ट है, अंतिम रिपोर्ट नहीं है क्योंकि अभी जांच पूर्ण नहीं हुई है। न्यायाधीश श्री नरेंद्र कुमार व्यास एवं माननीय सुधीर कुमार की दोहरी बेंच ने मामले की सुनवाई के दौरान यह संदेह भी व्यक्त किया कि संभव है विदेश से आई रकम का संबंध किसी ऐसे बड़े रैकेट के साथ हो जिसका मामला किसी अन्य न्यायालय में चल रहा होगा। इस संबंध में सुप्रीम कोर्ट में यस बैंक के अध्यक्ष के विरुद्ध एक विशेष प्रकरण चल रहा है जिसमें फिलहाल यस बैंक के अध्यक्ष जेल में बंद है। इसलिए इस संबंध में भी सीबीआई के अधिवक्ता को निर्देशित किया गया कि वह शपथ पूर्वक इस बात की जानकारी प्रदान करें कि हजारों करोड़ों रुपए के फर्जीबाड़े के संबंध में यस बैंक के अध्यक्ष के विरुद्ध जो प्रकरण चल रहा है, वर्तमान मामले के तार कहीं उससे जुड़े हुए तो नहीं है। सीबीआई के अधिवक्ता ने समस्त आपत्तियों और माननीय न्यायालय के निर्देशों के आधार पर जनवरी माह की तारीख में पुनः शपथ पत्र प्रस्तुत करने की बात कही है। याचिकाकर्ता प्रभुनाथ मिश्रा के अधिवक्ता सतीश कुमार त्रिपाठी ने इस मामले में बताया है कि मामले में एक तार्किक निर्णय तक न्यायालय पहुंचने का प्रयास कर रहा है। क्योंकि जांच के तरीके पर प्रश्न उठ रहा है इसलिए खाते में लेनदेन करने वाले प्रभावशाली लोगों के नाम अब स्पष्ट रूप से लिखकर न्यायालय के समक्ष में प्रस्तुत कर अपनी आपत्ति सीबीआई जांच के संबंध में दर्ज किया जाना आवश्यक है। इस संबंध में एक लिखित आपत्ति पत्र माननीय न्यायालय के समक्ष जनवरी माह में प्रस्तुत किया जाएगा। भले ही लेनदेन के संबंध में प्रकरण को यस बैंक के अध्यक्ष के साथ जोड़ दिए जाने की आशंका हो, फिर भी माननीय उच्च न्यायालय के समक्ष अनिमेष सिंह और हितेश चौबे की दो एफ आई आर के संबंध में किसी प्रकार की जांच और जब्ती का न किया जाना आपत्तिजनक है। याचिकाकर्ता प्रभुनाथ मिश्रा ने कहा है कि उन्हें अपने अधिवक्ताओं पर और न्यायालय पर पूर्ण भरोसा है। न्यायालय का निर्णय निश्चित रूप से ऐसे आर्थिक अपराध को आम लोगों के सामने स्पष्ट कर देगा। भविष्य में अपने कर्मचारियों के कंधे पर बंदूक रखकर ऐसा अपराध करने से पहले लोगों के मन में डर अवश्य बनेगा। अगली सुनवाई की तिथि 13 जनवरी 2027 को प्रदान की गई है जिसमें तमाम आपत्तियों का जवाब सीबीआई की तरफ से दिया जाएगा और याचिकाकर्ता के तरफ से विभिन्न आपत्तियां और नए आरोपों का पुलिंदा न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा।


Related News

सेवा और अनुशासन के प्रतीक स्व. डोमनलाल कोर्सेवाड़ा को दी भावभीनी श्रद्धांजलि – विधायक ललित चंद्राकर

सेवा और अनुशासन के प्रतीक स्व. डोमनलाल कोर्सेवाड़ा को दी भावभीनी श्रद्धांजलि…

ट्राई सिटी एक्सप्रेस। न्यूज     दुर्ग। सेवा और अनुशासन के अद्वितीय प्रतीक, अहिवारा विधानसभा क्षेत्र के विधायक…
इस दीपावली स्वदेशी उत्पादों से रोशन करें घर-आंगन, स्थानीय कारीगरों को दें प्रोत्साहन – विधायक ललित चंद्राकर 

इस दीपावली स्वदेशी उत्पादों से रोशन करें घर-आंगन, स्थानीय कारीगरों को दें…

ट्राई सिटी एक्सप्रेस। न्यूज     दुर्ग। दुर्ग ग्रामीण विधायक श्री ललित चंद्राकर ने प्रदेशवासियों से इस दीपावली…
कांग्रेस के सभी मंडल सभी वार्डो और बूथ में दुर्ग कांग्रेस लगाएगी जन चौपाल – धीरज बाकलीवाल

कांग्रेस के सभी मंडल सभी वार्डो और बूथ में दुर्ग कांग्रेस लगाएगी…

ट्राई सिटी एक्सप्रेस। न्यूज   प्रदेश कांग्रेस कमेटी के निर्देश पर जिला कांग्रेस कमेटी दुर्ग शहर द्वारा वोट…