• December 6, 2022

आखिर माजरा क्या है : ऑनलाइन सट्‌टा के कारोबार में 15 पैनल, 100 से ज्यादा गिरफ्तारियां, फिर भी सौरभ चंद्राकर और रवि उत्पल तक नहीं पहुंच पा रही पुलिस

आखिर माजरा क्या है : ऑनलाइन सट्‌टा के कारोबार में 15 पैनल, 100 से ज्यादा गिरफ्तारियां, फिर भी सौरभ चंद्राकर और रवि उत्पल तक नहीं पहुंच पा रही पुलिस

आखिर माजरा क्या है : ऑनलाइन सट्‌टा के कारोबार में 15 पैनल, 100 से ज्यादा गिरफ्तारियां, फिर भी सौरभ चंद्राकर और रवि उत्पल तक नहीं पहुंच पा रही पुलिस
ट्राईसिटी एक्सप्रेस। न्यूज
भिलाई शहर से शुरू हुआ ऑनलाइन सट्‌टा का बड़ा कारोबार आज देश-दुनिया में फैल चुका है। पिछले 6 महीने में यह कारोबार अरबों तक पहुंच गया। पुलिस के मुताबिक भिलाई के सौरभ चंद्राकर, राजा गुप्ता और रवि उत्पल इस पूरे रैकेट को ऑपरेट कर रहे हैं। महादेव एप के जरिए उन्होंने यह गोरखधंधा तैयार किया। इस मामले में पुलिस लगातार कार्रवाई कर रही है। बावजूद इसके सौरभ और रवि को पुलिस नहीं पकड़ पाई है। मोबाइल लोकेशन, कम्प्यूटर सिस्टम और लैपटाम के आईपी एड्रेस के जरिए भी पुलिस उन तक नहीं पहुंच पा रही है। पैनल चलाने वाले और उनके साथियों को जरूर पकड़ा है, लेकिन मास्टर माइंड फरार हैं। उनके द्वारा लगातार अपने कारोबार को विस्तार दिया जा रहा है। इधर पुलिस पैनल चलाने और छोटे-मोटे सटोरियों को गिरफ्तार कर अपनी पीठ थपथपाने में व्यस्त है। खास बात यह है कि पुलिस को इस मामले में कई बड़े सुराग हाथ लगे हैं, लेकिन उन तरफ जांच आगे नहीं बढ़ाई गई है। न ही उनसे किसी प्रकार की वैधानिक तरीके से पूछता की गई है।
कांग्रेस-भाजपा नेता और पुलिस की संलिप्तता भी सामने आ चुकी
इस पूरे मामले में छग के कांग्रेस और भाजपा के नेताओं की संलिप्तता भी सामने आई। पुलिस विभाग के कर्मचारी भी पैनल चला रहे थे। इतना ही नहीं उच्च पदों पर बैठे लोगों द्वारा संरक्षण दिए जाने की भी बात सामने आई। पुलिस को कई अहम जानकारियां इस एप से जुड़ी मिली, लेकिन उनसे अब तक पूछताछ तक शुरू नहीं की गई। इससे पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी लगातार सवाल उठते रहे। इस मामले में प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. रमनसिंह भी सवाल उठा चुके हैं। उन्होंने सरकार के कुछ नुमायदों के इस पूरे मामले में मिले होने की भी आशंका जताई। इस पूरे मामले को ईडी या अन्य किसी केंद्रीय एजेंसी को जांच के लिए पूरे मामले को दिए जाने की बात कही, लेकिन ऐसा कुछ भी नहीं किया गया। इससे राज्य शासन की इस पूरे मामले में कार्यप्रणाली पर ही सवाल उठने लगे हैं।
पिछले दिनों बीएसपी का ठेकेदार हुआ गिरफ्तार
एप को लेकर लगातार गिरफ्तारियां और पूछताछ किए जाने का दावा पुलिस करते रही है। पिछले दिनों बीएसपी में ठेकेदार रोहित सबरवाल को भी गिरफ्तार किया गया। सबरवाल के कांग्रेस नेता के बेटे अनुभव जैन सेे भी संपर्क की बात सामने आई। पुलिस ने अनुभव को जगदलपुर से हिरासत में लिया था। इसके अलावा एमपी के सिवनी और भोपाल में कार्रवाई हो चुकी है। भिलाई में भी पैनल चलाने वालों पर कार्रवाई की गई। दिल्ली में पैनल ऑपरेट करने वालों को पुलिस ने गिरफ्तार किया था।
सवालों के घेरे में पुलिस की जांच
इस पूरे मामले में अब पुलिस की जांच की सवालों के घेरे में आ गई है। पुलिस ने मामले में कार्रवाई जरूर की है, लेकिन पकड़े गए आरोपियों में कोई भी बड़ा नाम नहीं है, जबकि इस धंधे में कई बड़े लोगों के शामिल होने की संभावना जताई जाते रही है। दुर्ग, भिलाई के अलावा रायपुर और बिलासपुर में बड़े रसूख रखने वाले अप्रत्यक्ष रूप से जुड़े होने की भी बात सामने आते रही है। उनके द्वारा मास्टर माइंड को संरक्षण देने के नाम पर मोटी रकम भी वसूलने की बात कही गई। इधर पुलिस के मुताबिक साक्ष्य नहीं मिल पाने की वजह से वे इस मामले में कार्रवाई बड़ी सावधानी से कर रही है। पुलिस लगातार साक्ष्य जुटा रही है और आरोपियों की धरपकड़ कर रही है। जल्द ही और भी बड़े खुलासे की बात पुलिस के बड़े अधिकारियों ने कही है।
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