- February 1, 2026
भिलाई-दुर्ग के होटलों और क्लबों सज रहा महादेव सट्टे का कारोबार, 6 फिर पकड़े गए, इधर सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल अब भी गिरफ्त से बाहर

ट्राई सिटी एक्सप्रेस। न्यूज
महादेव सट्टा बुक से जुड़े लोगों ने राज्य में सट्टेबाजी का नया नेटवर्क खड़ा कर लिया है। ये सटोरिए नागपुर और जबलपुर से लाइन लेकर ऑफलाइन सट्टा संचालित कर रहे हैं। यह पूरा नेटवर्क ऑफलाइन चलाया जा रहा है। इसमें एपीके फाइल के माध्यम से आईडी और पासवर्ड बेचे जा रहे हैं। इसमें दांव लगाने वालों को तीन गुना पैसा दिया जाता है, जबकि हारने वालों का पैसा डूब जाता है। इस नेटवर्क से अलग-अलग राज्यों के 3 हजार से ज्यादा लोग जुड़ चुके हैं। पुख्ता क्लू मिलने के बाद रायपुर क्राइम ब्रांच की टीम ने अलग-अलग जगह छापेमारी की। इस दौरान 6 सटोरियों को गिरफ्तार किया गया है। इनके पास से 37.50 लाख रुपए नकद, दो थार गाड़ियां, 10 मोबाइल समेत करीब 98 लाख रुपए का माल जब्त किया गया है। इसमें रायपुर-दुर्ग के बड़े होटल और क्लब मालिक भी शामिल हैं, जो महादेव सट्टा मामले में पहले भी जेल जा चुके हैं।
पुलिस के मुताबिक रोहिणीपुरम निवासी पीयूष जैन (26) और भिलाई निवासी रखब देव पाहुजा (46) दोनों इस नेटवर्क के सरगना हैं। दोनों पहले भी सट्टेबाजी के मामलों में जेल जा चुके हैं। रखब देव दुर्ग-भिलाई का कुख्यात सटोरिया है। वह पहले महादेव सट्टा के प्रमोटरों सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल से भी जुड़ा रहा है। दोनों ने नागपुर और जबलपुर के बड़े सटोरियों से लाइन लेकर ऑफलाइन सट्टा शुरू किया है। इनके साथ जीतेंद्र कृपलानी डीडी नगर, दीपक अग्रवाल बिलासपुर, कमल राघवानी गायत्री नगर और सचिन जैन गुढियारी भी शामिल हैं।
आरोपियों ने jmdbet777.com और Classic777.com जैसी वेबसाइटों के जरिए मास्टर आईडी बनाई थी। इसके बाद आईडी और पासवर्ड 10-10 हजार रुपए में बेचे जा रहे थे। इसमें क्रिकेट के अलावा फुटबॉल, लूडो और सांप-सीढ़ी जैसे ऑनलाइन गेम भी शामिल हैं। आरोपी एपीके फाइल के माध्यम से यह सुविधा दे रहे थे। इनके नेटवर्क से करीब 3 हजार लोग जुड़े हुए हैं। रायपुर का एक चर्चित कारोबारी नाइट क्लब की आड़ में सट्टा का कारोबार संचालित कर रहा था। पूछताछ में यह बड़ा खुलासा हुआ है।
पिछले दिनों भिलाई दुर्ग ने मना था सट्टा किंग सौरभ चंद्राकारबका बर्थ डे
महादेव सट्टा के किंग और प्रमोटर सौरभ चंद्राकर का जन्म दिन 13 जनवरी को भिलाई और दुर्ग में जगह-जगह मनाया गया था। इस दौरान कैम्प समेत आसपास के क्षेत्रों में सोमवार की रात 11 बजे से ही केक कटना और आतिशबाजी 1.30 बजे तक चलती रही। धूमधाम से फुट रहे पटाखों की गूंज की जानकारी पुलिस को मिली। रात को ही पुलिस मौके पर पहुंची लेकिन केक काटने व आतिशबाजी करने वाले सटोरिया मौके से फरार हो गए। धीरे-धीरे कर लोगों को पता चला कि महादेव सट्टा के प्रमोटर सौरभ चंद्राकर का जन्म दिन मनाया गया। महादेव, लोटस समेत अन्य पैनल का कारोबार करने वाले गुर्गों ने प्रमोटर सौरभ चंद्राकर का जन्म दिन बड़े धूमधाम से मनाया। जबकि सौरभ चंद्राकर के खिलाफ पुलिस ने पहले ही लुक आउट नोटिस जारी कर चूकी है। मगर अब तक सौरभ की गिरफ्तारी अब तक नहीं हो पाई है।
6000 करोड़ से ज्यादा का महादेव सट्टा घोटाला
ईओडब्ल्यू ने 6000 करोड़ रुपए से ज्यादा के महादेव ऑनलाइन सट्टा एप मामले में 2024 में एफआईआर दर्ज की थी। जांच के बाद 2024 में 2 अभियोग पत्र प्रस्तुत किए गए, जिसमें 14 लोगों को आरोपी बनाया गया। वहीं उनके 30 ठिकानों में छापे भी मारे गए। महादेव ऑनलाइन सट्टा एप में काम करने वाले 3000 से ज्यादा लोग संदिग्धों की सूची में शामिल हैं। इन सभी के मोबाइल कॉल, बैंकिंग लेनदेन और डिजिटल वालेट की लगातार निगरानी की जा रही है। जांच में पता चला है कि इन सभी ने महादेव एप से अवैध कमाई कर उस रकम को कई जगहों पर निवेश किया है। इस सूची में नेताओं, सरकारी अफसरों, कर्मचारियों कई सामान्य तरीके से भी कारोबार करने वालों के नाम हैं। 70 एफआईआर दर्ज कर 300 से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार भी किया जा चुका है। महादव एप के मामले में मुख्य आरोपो सौरभ चंद्राकर, रवि उप्पल के साथ शुभम सोनी, एएसआई चंद्रभूषण वर्मा, कांस्टेबल भीम सिंह यादव, रितेश यादव, भारत ज्योति, विश्वजीत राय, राहुल वेंकट, नीतीश दीवान, अर्जुन यादव और सतीश चंद्राकर समेत 14 को आरोपी बनाया गया है।




